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अमर जवान ज्योति 'बुझाने' का सच क्या है, और जानिए इसका इतिहास क्या है...
केंद्र सरकार ने अमर जवान ज्योति (Amar Jawan Jyoti) का राष्ट्रीय युद्ध स्मारक या नेशनल वॉर मेमोरियल (National War Memorial) की ज्योति में विलय करने का फैसला लिया है. राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने मोदी सरकार पर हमला करते हुए अमर जवान ज्योति को 'बुझाए' (Extinguished) जाने का दावा किया है. आइए जानते हैं कि अमर जवान ज्योति 'बुझाने' का सच और इसका इतिहास क्या है...
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राष्ट्रीय युद्ध स्मारक बनने की कहानी: कांग्रेस के 55 साल बनाम मोदी के 5 साल
2012-13 में तत्कालीन रक्षा मंत्री एके एंटनी ने कुछ मंत्रियों के समूह के साथ मिलकर इंडिया गेट के पास की वो जमीन निर्धारित की, जहां पर इस स्मारक को बनाया गया है. लेकिन दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित उस फैसले के खिलाफ हो गईं.
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